दुनिया में यदि सबसे ताकतवर कोई है तो वह है एक स्त्री

दुनिया में   यदि सबसे ताकतवर कोई है तो वह है  एक स्त्री  | जी हाँ इस दुनिया में हकीकत में यदि समझा जाये तो स्त्री की ताकत को नकारा  नहीं जा सकता |  जरा सोच कर देखें  प्रकृति ने भी एक स्त्री की संरचना जिस हिसाब से बनाई  है उसी से अनुमान लगाएं |    पुरुष चाहे कितना ही  ताकतवर हो लेकिन जन्म उसे किसी ना किसी स्त्री ने  ही दिया होगा |  जब कोई पुरूष हताश हो  जाता है,  निराश हो जाता है ,, अपने आप को अकेला महसूस करता है, तब एक स्त्री ही स्नेह,  ममता, प्यार, मोहब्बत के दम  पर ही उसकी  ताकत बन कर खड़ी होती है  |  चाहे वो माँ के रूप में हो, बहन  के रूप में हो, पत्नि या  प्रेमीका  के रूप में  हो |

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 दुःख दर्द सह  कर भी हर किसी को  हिम्मत बंधाने  प्यार मोहब्बत से रहने के   लिए प्रेरित करने का या हौसला बढ़ाने का सही तरीका  कोई बिना हिंसा, बिना गाली गलोच , |  बिना हथियार  के यदि दे पाता है तो वह  है स्त्री |   चाहे स्त्री कितने ही गुस्से में हो परन्तु कभी हिंसा पर उतारू नहीं होती |  गाली गलोच नहीं  करती | यही वजह है की चाहे हम इसे ईश्वर का उपहार कहें  या प्रकृति की नियामत कि  उसने पुरुष को जन्म देने के लिए भी नारी को  ही चुना है  |  लेकिन अफ़सोस कि  पुरुष को यह बात हजारों  वर्षों  में भी समझ नहीं आई  कि  जो औरत हम पुरुषों  को जन्म देने के लिए दर्द सह  सकती है उसमे कितनी ताकत होगी  |  आज  कुछ पुरुषों  को यह बात समझ आने लगी है  |  परन्तु क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होना स्वावाभिक है   |  अक्सर देखने में आने लगा है की  कुछ महिलाये अपनी स्वतंत्रता का मिसयूज करने लगी है  |  में इस बात से सहमत हूँ  की अबला बन कर किसी महिला को जीवन नहीं जीना चाहिए  |  पुरूषों  को भी महिलाओं  के साथ अनैतिक और गलत व्यवहार से बचना चाहिए |  महिलाओँ  के मान सम्मान की रक्षा करनी चाहिए  |

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 यह परिवर्तन का दौर  है आज महिलाओ को पढ़ने  लिखने  से लेकर खेलकूद बिजनेस में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के लिए पुरुष वर्ग भी अपनी हर सम्भव कोशिश में लगा है |  हर पिता की यह इच्छा है की उसकी बेटी पढ़  लिख कर आगे बड़े |  ऐसी ही इच्छा हर ससुर को भी अपनी बहू  के लिए बनानी चाहिए  |   महिलाओ को मान सम्मान देने से पुरुष की ताकत और दुगनी होगी |    महिलाये भी नफरत  द्वेषता  को भुलाकर  स्नेह ,ममता , प्यार, मोहब्बत    को  सही नजरिये सही जरिये से  अपनी ताकत बनाये  तो इस परिवर्तन के दौर  में महिलाओं  से बड़ी ताकत कोई हो ही नहीं सकती  |  क्योंकि  कुछ असामाजिक  तत्वों को छोड़ कर  हर माता पिता  बेटी पढ़ाओ  बेटी बचाओ  के नारे की गरिमा को समझ कर उसे बुलंद करना चाहता है  | अब  बारी बेटियों की है इस पर खरा उतरने की  शिक्षा और मानवीय दृष्टिकोण  रखते हुए  अपनी ताकत खुद  बनने की | 


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