क्योंकि घर दुनिया की सबसे बड़ी जन्नत होती है

November 09, 2019
एक महिला बना सकती है घर को स्वर्ग

कहा  जाता है घर एक मंदिर होता है  और मंदिर में  ही इंसान को सुख शांति मिलती है |  इसलिए जब तक हम घर को  मंदिर बनाने के लिए नहीं सोचेंगे सुख शांति नहीं मिलेगी और सुख शांति मिलना ही सबसे बड़ा स्वर्ग होता है |  माना जाता है लोगो को मरने के बाद जन्नत  नसीब होती है | लेकिन  मरने के बाद स्वर्ग नसीब होता है    या नर्क यह एक रहस्य है जिसका  फैसला जीते जी नहीं किया जा सकता |  ना ही उसके बारे में कोई विश्वस्त हो सकता है |  क्योंकि  ये सिर्फ कही सुनी बातें  होती है इसका प्रमाण किसी के पास नहीं है  |  लेकिन जीते जी स्वर्ग मिल सकता है ,  इसको महसूस किया  जा सकता, इसको भोगा जा सकता है, इसको प्रमाणित भी किया जा सकता है |  जिन घरो में एक दूसरे से प्यार मोहब्बत होती है, एक दूसरे का सम्मान होता है,  एक दूसरे की बात को तवज्जु दी जाती है, एक दूसरे की हिम्मत बढाई  जाती है, एक दूसरे से अपनापन होता है , एक दूसरे के लिए दिलो में जगह होती है ,खुले दिल से तन- मन- धन का का समर्पण होता है ,  एक दूसरे के दुख दर्द की समझ होती है, एक दूसरे को देख कर चेहरे प्रसन्ता से खिल जाते है, एक दूसरे को देखे बिना बेचैनी होती है, एक दूसरे की समस्याओं  के हल आसान तरीको से निकले जाते है,   क्योंकि  घर दुनिया की सबसे बड़ी जन्नत होती है ?
 
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   हम खुशहाल जीवन जीने और स्वर्ग का आनंद लेने की सिर्फ बाते करते है | लेकिन इस स्वर्ग का आनंद कैसे लिया जाता है इसके अधिकतर मौके  हम जानबूझ कर खो देते है |  हमारे जीवन को बेवजह बेड़ियों में बाँध कर, बिना सोचे विचारे किसी को भी दोष देकर, अहंकार पाल कर, सुख सुविधाओं के आदि बन  कर, हमारे जीवन को  नर्क  समान बनाने के लिए हम खुद ही जिम्मेदार होते है  |  स्वर्ग की प्राप्ति  कभी भी धन दोलत से नहीं की जा सकती ना ही स्वर्ग में इन चीजों की जरूरत होती है |  स्वर्ग की   प्राप्ति के लिए तो मात्र अमन  चेन, सुख शांति  की आवश्यकता होती है  |  और सुख शांति निर्भर करती है  परिवार की सोच पर  क्योंकि घर दुनिया की सबसे बड़ी जन्नत होती है  ?  सोच विचार हर व्यक्ति के अलग- अलग हो सकते  है इसमें कोई  दो राय नहीं   है | लेकिन  इस सोच को बदला जा सकता है  | और इसको बदलने में महिलाओ की भूमिका महत्व पूर्ण होती है |
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  एक पत्नी, पति  की सोच बदल सकती है  वो चाहे तो बुराइयों को अच्छाइयों में बदल दे वो चाहे  तो असफलता को सफलता में बदल दे  उसी के चाहने से अच्छाइयाँ  भी बुराइयों में तब्दील हो सकती है उसी के चाहने से सफलता असफलता में बदल जाती ही  |  स्त्री चाहे तो सच को झूठ बना दे वह चाहे तो  झूठ को सच बना दे  |  एक बेटी अपने पिता की  गलत  आदतों को बदलने  पर मजबूर कर सकती है  |  एक माँ चाहे तो  अपने बेटे की बुराइयों को दूर करने में महत्व पूर्ण भूमिका निभा सकती है  | एक बहन  अपने भाई को सच्चाई ईमानदारी नेक नियति की राह पर चलना सीखा सकती है |  वहीं  एक प्रेमिका प्रेमी को अपने प्रेम के जरिये उसके घर में आये  तूफान को रोकने की क्षमता रखती है |  क्योंकि घर दुनिया की सबसे बड़ी जन्नत होती है ?  यदि महिलाऐ  अपना स्त्रीत्व दिखना  चाहे तो क्या सम्भव नहीं है ?



  क्योंकि घर दुनिया की सबसे बड़ी जन्नत होती है ? सिर्फ इसके लिए उन्हें अपनी जिद छोड़नी पड़ेगी एक दूसरे के प्रति  ईर्ष्या, कुंठा, द्वेषता ,स्वार्थ त्याग कर घर की आर्थिक स्थिति को भांपते हुए व्यवहारिक निर्णय लेना सीखना होगा  |  समय और पैसो का मितव्यता से प्रबंधन करना  सीखना होगा | अभावों  में भी प्रसन्नता से जीवन जीना सीखना और सीखाना  होगा  |  सबसे बड़ी बात  अपने व्यवहार से घर के पुरुषो के दिलों  में राज करना होगा |   यदि ऐसा संभव हो तो स्वर्ग खुद चल कर आपके घर के दरवाजे खटखटाएगा, पनाह मांगने के लिए  | क्योंकि  हर किसी को रहने  के लिए  सुख ,शांति , सुरक्षित जगह और प्यार मोहब्बत चाहिए होती है |  स्वर्ग को भी इन चीजों की जरूरत है  जो सम्भवतया  उसे भूले से भी नसीब नहीं हो पा रही है | महिलाये अपने हँसते मुस्कुराते चेहरे  से पति  का स्वागत करे अतिथियों का स्वागत करें बच्चों  का स्वागत करें , स्वर्ग का आनंद मिलने लगेगा |

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