यह है जीवन का सबसे बड़ा मनोविज्ञान

October 06, 2019
या यूँ कहे मन के कोई परफेक्ट सिद्दांत  नहीं होते है

जीवन कोई विज्ञान नहीं है बल्कि यह एक मनोविज्ञान है |  इसीलिए यह विज्ञान के सिद्दांतो पर  नहीं बल्कि मन के सिद्वांतो  पर कार्य करता है | जो लोग अपने जीवन में विज्ञान के सिद्वांतो  को लागू करने  की कोशिश करते है,  जो लोग अपने जीवन को वैज्ञानिक तरीके से जीना चाहते है उन्हें जीवन के परिणाम भी बिजनस और कार्य स्थल के अनुरूप चाहिए होते है | विज्ञान अपने सिद्वांतो  पर कार्य करता है जीवन अपने | या यूँ कहे मन के कोई परफेक्ट सिद्दांत  नहीं होते है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी |  क्योंकि मन सिर्फ  दिल की आवाज सुनता है  जो सही है या गलत है इसका पता तुरंत नहीं चलता है |  जबकि विज्ञान नाप, तोल , माप , आकर, प्रकार के अनुसार परिणाम देता है |जो परफेक्ट होने की १०० प्रतिशत संभावना होती है | जबकि जीवन को नाप, तोल ,माप के अनुसार  जी पाना सम्भव नहीं है |

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 हकीकत में जितने परफेक्ट हम अपने आप को मान कर चलते है उतना कोई भी नहीं होता 

 यही वजह है की जब हम रिश्तो में भी परफेक्शन की बात करते है तो वह सम्भव नहीं हो पाता  है |   क्योंकि  परफेक्शन की उम्मीद हम दूसरो से पाल कर रखते है  हम खुद  परफेक्ट है इसकी सिर्फ हर  कोई गलत फहमी पाल कर रखता है | हकीकत में जितने परफेक्ट हम अपने आप को मान कर चलते है उतना कोई भी नहीं होता  है |  और इसका अंदाजा सिर्फ कहने से  या सोचने से नहीं हो जाता इसका पता सिर्फ विपरीत परिस्थिति में ही चल पाता  है | जब आप विपरीत परिस्थिति में अपनी काबिलियत सिद्द करेंगे वो ही आपका परफेक्शन साबित होगा | और यह काबिलियत  सिद्वांतो से नहीं बल्कि समन्वय से साबित होगी  |  इस  बात से  साबित होगी की आप लोगो के साथ कितना समन्वय बैठा पाते है |  तालमेल और समन्वय बैठाने के लिए   प्रेम , प्यार, अपनेपन की निस्वार्थ भावना, मनोविज्ञान  को जानने और समझने के लिए  प्रसन्नचित्त  मन होना बहुत ही जरूरी है |
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 जिसने इस मनोविज्ञान को समझ लिया उसे  कभी धन दौलत  की कमी महसूस नहीं होगी

यह इस जीवन का  सबसे बड़ा मनोविज्ञान है | जिसने इस मनोविज्ञान को समझ लिया उसे  कभी धन दौलत  की कमी महसूस नहीं होगी जिसने इस मनोविज्ञान को नहीं समझा उसके पास दुनिया की सम्पूर्ण दोलत आ जाये तो भी कम पड  जाएगी आज  लोगो के पास जितनी धन दोलत  है वो भी इन्हे कम लगने का मुख्य कारण यही है  | आप माने या ना माने लेकिन  लोगों  के तनाव ग्रस्त  रहने  और रिश्तो के बिगड़ने  बनने में मनोविज्ञान की  बहुत बड़ी  भूमिका होती है | यदि आप भी तनाव में जीवन जी रहे है रिश्तो में कड़वाहट महसूस कर रहे है  जीवन में हताशा निराशा महसूस कर रहे है तो  मनोविज्ञान का समझना आपके लिए बहुत जरूरी है जिस दिन आप जीवन के मनोविज्ञान को समझ लेंगे  खुद  भी खुश रहेंगे अपने आस पास के माहोल  को भी खुशनुमा बना पाएंगे  |


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