लड़कियों को नहीं पालनी चाहिए ये गलत फहमियां

September 27, 2019
लड़कियों को नहीं पालनी चाहिए ये गलत फहमियां


 लड़कियों और महिलाओं को इस बात से होना चाहिए खुश

आज कल लड़कियों  महिलाओ को  हर कोई   स्वतंत्रता देना  चाहता  है | एक सभ्य और संस्कारी परिवार  उन्हें पढाने लिखाने से लेकर सुख सुविधाओं  का ख्याल रखने की हर सम्भव कोशिश करता  है |   ऐसे में सामजिक वातावरण बदल रहा है | लड़कियों और महिलाओं को इस बात से खुश होना चाहिए की जो जीवन उनकी माँ , दादी, नानी या चाची ने जिया है आज उससे कही  अधिक अच्छे हालातो में उन्हें यह जीवन जीने को मिल रहा है  और आगे आने वाले समय में परिस्थितिया और बदलेंगी |   धीरे धीरे महिलाओं  की स्थिति में और सुधार होगा हालात और बदलेंगे    परन्तु   जब किसी भी चीज में स्वतंत्रता दी जाती  है तो उसका मिस यूज   होने की संभावना होती है | हो  सकता है  आज भी किसी न किसी क्षेत्र में महिलाओ को परेशानियों का सामना करना पड़  रहा हो |  किसी परिवार में हो सकता है आज भी महिलाओं  की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं हो |  परन्तु  जहां तक  आज के परिवेश में देखा जाये तो आम इंसान की सोच में बदलाव नजर आने लगा है | 
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 लड़की को कभी इन  बातो  पर नहीं करना चाहिए घमंड 


  यो तो 200  साल की गुलामी के बाद आज हम भी हम अपने आप को स्वतंत्र नहीं मान रहे है  |  लेकिन यकीन मानिये उस गुलामी की जिंदगी से आज हम बेहतर जीवन जी रहे है |  इतिहास इस बात का गवाह है |  यही स्थिति आज महिलाओं  को लेकर भी है यदि इतिहास उठाकर देखा जाये तो महिलाओ का जीवन स्तर  पहले के मुकाबले ऊपर उठा है  |   आज लड़किया पढ़  लिख कर  आगे बढ़ रही है इस बात पर उन्हें नाज होना चाहिए   घमंड नहीं |   लड़किया अच्छे पदों पर कार्य कर के अच्छी सेलेरी प्राप्त कर रही है इसका   भी लड़की को कभी घमंड नहीं करना   चाहिए |   लड़कियों तथा महिलाओ  को हमेशा मृदुभाषी होना चाहिए  कभी भी   सास, ननद,  ससुर या  पति  से  आवेश में नहीं बोलना चाहिए |  यदि किसी चीज का आभाव हो तो अभावो में भी जीवन का आनंद लेना चाहिए  |  अपनी बात  सहजता  और कोमलता से रखना  चाहिए |घमंड और अहम कभी परिवार में सुख शांति नहीं रहने देता है  घमंड परिवार में विवाद तो पैदा करता ही है साथ ही परिवार की तरक्की में भी बाधक होता है | 
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 ऐसी  महिलाये और लड़कियाँ अक्सर होती  है  अकेलेपन का शिकार

  परिवार के लोगो से  भरपूर प्यार उसी लड़की या महिला को मिलता है जिसकी बोली में मिठास हो, जो  अपनी  बात को सलीके से कहना जानती हो |    ऐसी महिलाये   जो बात बात में नाराजगी जाहिर करती हो, समस्याओ का रोना रोती  रहती हो, चेहरे पर मुस्कान नहीं रखती हो,  बात सुनने और मानने  को तैयार नहीं होती हो,  जो प्यार मोहब्बत का अर्थ भी नहीं समझती हो उससे अक्सर लोग दूरी बनाने की कोशिश   करते है |  ऐसी  महिलाये   और लड़कियाँ  अक्सर अकेलेपन का शिकार हो जाती है  |  चिढ़ चिड़ापन  उनके स्वभाव में   नजर आने लगता है |  जो धीरे धीरे अवसाद  का   रूप ले लेता है   |   इसलिए   महिलाओ  को  अपनापन और अधिकार के साथ रिश्ते निभाने चाहिए |  आपके चेहरे की मुस्कान और  दो मीठे  बोल से परिवार का हर व्यक्ति आपके कदमो में झुकने को तैयार हो  जायेगा  | आप पर जान न्योछावर कर देगा , आपका दिल जीत लेगा  |

 मन की ऊर्जा से करें रिश्तों  में दीप  प्रज्वलित  
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 याद  रखें   कुंठा और अहंकार  कभी  किसी का दिल नहीं जीतने देते  है  |     चेहरे की सुंदरता पर कभी लड़की को घमंड नहीं करना चाहिए क्योकि  सुंदरता हमेशा नहीं रह  पाती  परन्तु मन की सुंदरता हमेशा रहती है | मन की सुंदरता सम्पूर्ण परिवार के लिए ऊर्जा का काम करती है|  परिवार में उत्साह  और एकता बनाने में महिलाओं  की मन की ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान होता है |   मन की ऊर्जा से जलाये गए दीपक की रौशनी से अँधेरे  में भी प्रकाश नजर आने लगता है |  यही मन की ऊर्जा विपरीत परिस्थितियों में परिवार के पुरुषो की हिम्मत बन जाती है  |  यदि अपने परिवार की खुशहाली और समृद्दि चाहते है तो पुरुष कभी महिलाओ  की स्वतंत्रता  में   बाधक नहीं बने |  वहीं  महिलाये  मन की ऊर्जा से रिश्तों  में दीप  प्रज्वलित  करें |  इससे परिवार को बहुत बड़ी सफलता भले ही हांसिल नहीं होगी  न हीं धन दौलत  के बहुत बड़े खजाने बरसेंगे |  परन्तु परिवार में अथाह सुख शांति के दरवाजे अवश्य खुलेंगे जिसकी हर परिवार को आज  जरूरत है  |  


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