परिवार और रिश्ते नातो से जोड़कर देखे कांवड़ यात्रा को

August 08, 2019
                                 परिवार और रिश्ते नातो  से जोड़कर देखे कांवड़ यात्रा को
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शिवजी के भक्त सावन के महीने में पूर्ण श्रद्धा के साथ कांवड़ लेकर आते है |  गाते  बजाते पूरे उत्साह के साथ लोग अपनी यात्रा पूर्ण करते है | लेकिन यात्रा का जो मकसद होता है उसे बहुत कम लोग ध्यान में रख पाते है
 यदि आप भगवान शिव के भक्त है तो इस पोस्ट को अवश्य पड़े अपने माता पिता की बुढ़ापे में सेवा अवश्य करें    
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दुनिया इतनी बुरी नहीं है जितनी हम  सोचे बैठे है रिश्ते का पानी लोगो की आँखों  में आज भी है आज भी  है श्रवण कुमार जैसे बेटे कांवड़  लाने का असली मकसद इन बेटों  ने पूरा किया  एक बड़ी माँ को इस तरह  यात्रा करा इन बच्चों  ने अपना जीवन सार्थक कर लिया अपनी चारो धाम की यात्रा का पुण्य इस एक यात्रा में ही कमा लिया 
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इस माँ का भी जीवन सफल हो गया जो संस्कार इस बूढ़ी माँ ने इन्हें  दिए इन्ही संस्कारो से प्रेरित होकर ही इन बच्चो ने यह बीड़ा उठाया है धन्य है ये परिवार और ये बच्चे | कांवड़ लेकर आ जाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि कावड़ लाने  के उद्देश्य की पूर्ति करना भी जरूरी है |
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  इस आधुनिक युग में इनकी कांवड़ यात्रा से सीख लेकर भले ही माता पिता को यात्रा नहीं कराये  |  परन्तु बुढ़ापे में उनकी ठीक तरह से देख भाल करके भी आप कांवड़ यात्रा  का पुण्य कमा सकते है   उनके स्वाभिमान को ठेस न पहुंचा कर  आपके पालन पोषण करने में उन्होंने जो  कष्ट सहे  उसका ऋण अवश्य चुकाए |   माता पिता का दिल कभी नहीं दुखायें  |  परिवार और रिश्ते नातो  से जोड़कर देखे कांवड़ यात्रा को | 

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