कभी कभी गुच्छे की आखरी चाबी भी ताला खोल देती है

July 17, 2019
यदि आप जीवन में असफल हो रहे हैं ,रिश्तों को निभाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, घर गृहस्थी की   समस्या से जूझ रहे हैं  तो इसके कई कारण  हो सकते हैं |  लेकिन इसका  मुख्य कारण है परिवार के  सदस्यों में  धैर्य का   अभाव |   परिवार के सदस्यों में  धैर्य   का अभाव हो  जाता है तो हमारे बनते काम बिगड़ जाते हैं | तब  हम  या तो किस्मत को दोष देते हैं या रिश्तों  को  |


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किसी को दोष देना, निराश होना किस्मत, का रोना रोना समस्याओं का समाधान नहीं है  बल्कि दोष देने से समस्याएं और बढ़ती है | इसलिए   दोष देने के बजाय  हमे  आपस में मिल जुल कर अपनी अपनी कमियों, अपनी अपनी गलतियों पर  धैर्य पूर्वक विचार विमर्श करना चाहिए  |  इसके लिए हमे विनम्रता से आत्मचिंतन कर अपनी गलतियों को धैर्य पूर्वक  स्वीकार करना चाहिए |
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क्या गलत है? क्या  सही है ? क्या अच्छा  बुरा है  इसमें उलझने की बजाये एक दूसरे का विश्वास जीतना चाहिए |  एक दूसरे की हिम्मत बनना चाहिए |  एक दूसरे के दिलों को जीतना चाहिए |  एक दूसरे को समझ कर यदि धैर्य से काम लेना सीख लिया तो गलत और बुरा शब्द  हमारे जीवन से ही दूर हो जायेगा और हर बात के लिए हमारा नजरिया सकारात्मक हो जाएगा |गलत है? क्या  सही है ? क्या अच्छा  बुरा है  इसमें उलझने की बजाये एक दूसरे का विश्वास जीतना चाहिए |  एक दूसरे की हिम्मत बनना चाहिए |  एक दूसरे के दिलों को जीतना चाहिए |  एक दूसरे को समझ कर यदि धैर्य से काम लेना सीख लिया तो गलत और बुरा शब्द  हमारे जीवन से ही दूर हो जायेगा और हर बात के लिए हमारा नजरिया सकारात्मक हो जाएगा |


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   जब हमारा नजरिया सकारात्मक हो जायेगा तो गलत बातों को  भी सही करना आसान हो जायेगा |  धैर्य हमारे जीवन को आसान बनाता है |  धैर्य ही हमारी सफलता में सहायक होता है धैर्य किस्मत के बंद तालों की चाबी है | इसलिए  कहा  जाता है कि  कभी- कभी गुच्छे की आखरी चाबी भी ताला खोल देती है | हमारा  धैर्य ही हमारी किस्मत के ताले की  आखरी चाबी हो सकता  है |

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