जीवन में आनंद का माहोल बनाना चाहते हैं तो अपने गुस्से पर काबू पाना सीखें

July 18, 2019
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 नफरत ,   गुस्सा , क्रोध परिवार की खुशहाली को प्रभावित करते हैं | यही वजह है की नफरत और गुस्से में लिए गए सही निर्णय भी गलत लगने लगते हैं |  जबकि प्रेम प्यार से लिए गए गलत निर्णयों को भी सही करना आसान होता है |
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 गुस्सा दो प्रकार का होता है, एक व्यक्ति वह होता है जो गुस्सा करता है लेकिन कुछ देर बाद उसका गुस्सा शांत हो जाता है |    वह  अपना सामन्य जीवन जीता रहता  है | दूसरा वह  जो गुस्सा करता है और दिखावे के लिए उसे शांत कर लेता है |  वो गुस्से से मन को कुंठित करके   मन ही मन  जहर  बनता रहता है |  गुस्से का यह प्रकर बहुत  खतरनाक होता है जो न खुद को सकरात्मक सोचने देता है ना  दूसरों को सोचने देता है |
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  परिवार की खुशहाली और समृद्धि  को प्रभावित करने में इस तरह के व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है | गुस्सा और नफरत ,अहम और   वहम को  पालने में मददगार होते हैं |  जहाँ गुस्सा , नफरत, अहम, वहम का  साम्राज्य है उस परिवार में एकता बनाना  आसान नहीं होता |   नफरत और गुस्से के वातावरण  की वजह से खुशियां ऐसे परिवारों के द्वार से ही लौटकर चली जाती  है |
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  परिवार की खुशियां लाने के लिए परिवार के  सदस्यों को बहुत बड़ा संघर्ष करना पड़ता है |  परन्त्तु एक तर्क संगत बात  लोग समझ नहीं  पाते हैं कि  जहाँ एकता नहीं होगी प्यार मोहब्बत नहीं होगी वहां खुशियां अपना  स्थान नहीं बना पाएगी |  इसलिए यदि  परिवार में खुशियां और  जीवन  में  आनंद का माहोल बनाना चाहते हैं तो अपने गुस्से पर काबू पाना सीखें  |  गुस्से को नफरत और कुंठा में परिवर्तित नहीं होने दे |  यह छोटी सी बात यदि हम समझ लें तो खुशियां फ्री में आपके घरों की तरफ दौड़ती चली आएगी |

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