कैसे करें विफलता का डट कर मुकाबला

June 09, 2019
                             विफलता से डरे नहीं  बल्कि उसका डट कर  मुकाबला करें 

वैसे तो सफलता प्राप्ति के लिए लोगों की सोच अलग- अलग होती है | तरीके अलग- अलग होते हैं लेकिन वास्तव में सफलता की शुरुआत विफलता से  होती है | जैसा हम सोचते हैं, जैसा हम करना चाहते हैं, वैसा नहीं हो पाना या नहीं कर  पाने को विफलता समझा  जाता है | और जैसा हम सोचते हैं, जैसा हम करना चाहते हैं, वैसा हो जाना सफलता कहलाती है |






   अक्सर जैसा हम सोचते  हैं , और जैसा हम चाहते हैं ,वैसा एक या दो बार के प्रयास में हो पाना संभव नहीं हो पाता है |   इसे ही कई बार लोग विफलता मान लेते हैं | कई लोग इससे निराश और दुखी होकर अपने लक्ष्य  को छोड़ देते है | सफलता मिले न मिले लेकिन लगातार चलते रहने से ही जीवन आगे बढ़ता है |  इसलिए  विफलता से डरे नहीं  बल्कि उसका डट कर  मुकाबला करें  |  सफल होंने  वाले लोग विफलता का स्वाद चख- चख कर सफल होते हैं |  विफलता हर पल हमारे साथ होती है जबकि  सफलता कभी- कभी  दिखाई देती है |  यह जीवन का कटु सत्य है |  दुनिया में ऐसे कई लोगों  के  उदहारण मिल जाएंगे जिन्हे कई बार  विफल होने और कई बार कोशिश करने के बाद सफलता हाथ लगी है |
https://images.app.goo.gl/6zbnjDQNtK7Fc9Wo7

अधिकतर लोग एक दो बार की विफलता में मायूस हो जाते हैं , निराश हो जाते हैं, परेशान  हो जाते हैं, मुँह लटका कर बैठ जाते हैं ,और   लक्ष्य को वही छोड़ देते हैं | और अपनी विफलता को स्वीकार कर लेते हैं |  जो लोग इसके विपरीत हिम्मत नहीं हारते हैं, निराश नहीं  होते हैं ,आत्मविश्वास रखते हैं|   अपनी गलतियों से सीख कर दोबारा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास शुरू करते हैं, ऐसे लोग जीवन में  आगे चल कर सफलता अवश्य प्राप्त करते हैं  |
https://images.app.goo.gl/fH9PzGmAMDLHcHAL9

  कई बार लोग,  लोगों की बाते और  ताने  सुनकर अपने लक्ष्य  से भटक जाते हैं |  लोगों की बाते सुनकर उसका बुरा न माने  दिल छोटा न करेँ क्योंकि लोगों का काम है कहना कुछ तो लोग कहेंगे |  इरादा पक्का रखे तरीके बदले जहाँ चूक हुई है  उस पर विचार करे |  ऐसे लोगों से मिले जो कई बार विफल होकर सफल हुए हैं  | ऐसे लोगों के बीच रहे जो जिन्दा दिल हो सकारात्मक सोच  रखते हो |  मुसीबत आने पर भी जो मुस्कुराते हुए उसका सामना  विनम्रता से करते  हैं | सफलता का रास्ता इन्ही मन्त्रों से होकर गुजरता है | क्या आप भी जीवन में एक दो बार की विफलता को विफलता मान  कर अपने लक्ष्य से भटक जाते है निराश हो जाते है मायूस हो जाते है यदि ऐसा है तो हमारे इस लेख पर गौर अवश्य करे निराशा  और हताशा को दूर भगाये और विफलता का डट कर मुकाबला करें सफलता कभी न कभी जरूर आप के कदमो में होगी 

No comments:

यदि आपको हमारा लेख पसन्द आया हो तो like करें और अपने सुझाव लिखें और अनर्गल comment न करें।
यदि आप सामाजिक विषयों पर कोई लेख चाहते हैं तो हमें जरुर बतायें।

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.