टेंशन लेने का नहीं टेंशन देने का

June 13, 2019
                                                 टेंशन लेने का नहीं टेंशन देने का 


आज कल एक संवाद बहुत ही लोक प्रिय हो रहा है | टेंशन लेने का नहीं टेंशन देने का   इसे हम बड़े चाव से बड़े स्वाद से ग्रहण कर रहे है |  हमारी और दूसरो की जिंदगी में यह संवाद अपनी गहरी पेठ बना चुका है |  यूँ कहें  की यह संवाद एक फैशन बन चुका है  |   यह फैशन हमारे मन को इस कदर  उत्त्साहित किये हुए है की हम इसकी सलाह इतने गर्व से देते है जैसे यह ब्रह्मास्त्र सिर्फ दूसरो पर ही असर करेगा |  सलाह देने और लेने  वाले यह भूल जाते है   की यह संवाद  मात्र आनंद लेने के लिए है  |  हकीकत में उपयोग करने के लिए नहीं लेकिन आज हर कोई इस  मजाकिया संवाद के दुष्परिणामों से वाकिफ हुए बिना इसे हकीकत में इस तरह से प्रयोग करने लगे है जैसे इस अस्त्र का उन पर तो कोई असर होगा ही नहीं |  इसी गलत फहमी ने इस ब्रह्मास्त्र को एक दूसरे पर  बिना सोचे  समझे फेकना शुरू कर दिया है |

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  देखें  जब माँ बाप इस मजाकिया संवाद का उपयोग अपने बच्चो के साथ करेंगे तो बच्चे इसका इस्तेमाल स्कूल में अपने मित्रों  और टीचर्स के साथ करेंगे और   वह टीचर्स और बच्चों  को टेंशन देंगे  यह भी सम्भव है की बच्चे इसका उपयोग अपने माता पिता को टेंशन देने में भी करें यही संवाद यदि बेटी अपने ससुराल वालो के लिए प्रयुक्त करे तो वह  ससुराल वालो को टेंशन देगी  पति  पत्नी के लिए या पत्नी पति के लिए रिश्तेदार- रिश्तेदारों के लिए पड़ोसी- पड़ोसी  के लिए दोस्त -दोस्त के लिए मालिक नौकर के लिए नौकर मालिक के लिए यानि सभी टेंशन टेंशन खेलेंगे  और खलेगे क्या खेल रहे है ?

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   समाज में जितनी टेंशन पल रही है उतनी है थोड़ी बस सब टेंशन - टेंशन खेल रहे है |  मजाकिया संवादों का आनंद जरूर ले लेकिन दायरे में रह कर ताकि संवाद बन जाये न टेंशन लेने का न टेंशन देने का सोच कर देखें  कितना सुकून भरा जीवन जीते है वो लोग जहां रिश्ते नातो  में, पड़ोसियों, में सास बहू    में ,  प्यार मोहब्बत भाईचारा होता है  |  अपनापन होता है |  लेकिन टेंशन- टेंशन का  यह  खेल कब प्यार ,मोहब्बत ,अपनेपन कि बलि चढ़ा  दे कुछ  कहा  नहीं जा सकता |  यदि आप का अपने रिश्तेदारों से, दोस्तों से, पड़ोसियों से |  प्यार ,मोहब्बत, भाई चारा बना हुआ है तो इसे बनाये रखने का हर सम्भव प्रयास करें  कोई भी ऐसा काम नहीं करें  जिससे आपकी वजह से रिश्तों में   खटास पैदा हो टेंशन बड़े |



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