jeevan me kese krne juban ka prayog (how to use tung)

May 29, 2017

                           ज़ुबान

यह हमारी जुबान ही है जो बने बनाए खेल को बिगाड़ देती है और बिगड़े हुए खेल को बना देती है जुबान का प्रयोग हमें बड़ी सावधानी से करना चाहिए एक कहावत है कमान से निकला हुआ तीर और जुबान से निकले हुए शब्द कभी वापस नहीं आते इसलिए जब भी बोलो सोच समझकर बोलो मीठा बोलो मीठा बोलने का अर्थ यह नहीं है कि किसी की चापलूसी करें मतभेद हो लेकिन मनभेद नहीं तऱ्क  हो  लेकिन कुतऱ्क नही हो मौके की नजाकत को समझते हुए शब्दों का प्रयोग करें ऐसी जुबान नहीं बोले जो किसी के जले पर नमक छिड़कने जैसी लगे जुबान से यदि गलत बात निकल गई हो तो क्षमा अवश्य मांगे यदि किसी से मतभेद हो भी जाए तो शालीन शब्दों का प्रयोग करें किसी भी बात को कहने के लिए सिर्फ जुबान हीलानी पड़ती है लेकिन उसे करने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है इसलिए बात करने से पहले करने के बारे में भी सोचे जरूरत से ज्यादा बोलना भी नुकसानदायक होता है संस्कृत में एक कहावत है `वाचालो लभते नाशम` जो ज्यादा बोलते हैं उनका नाश होता है इसलिए अपनी बात को नपे तुले वजनदार शब्दों में कहें बेसिर पैर की बात नहीं करें दूसरों को भी अपनी बात कहने का मौका दे कई बार हम जुबान के प्रयोग से बड़ी बड़ी मुसीबतें मोल ले लेते हैं और कई बार इसी जुबान के प्रयोग से हम बड़ी-बड़ी मुसीबतों का समाधान खोज लेते हैं ऐसी जुबान का प्रयोग करें जो आपको लोगों में लोकप्रिय बनाएं जुबान का प्रयोग करना एक कला एक साधना  है

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